200 साल पुराने गुरुद्वारे में सिख समुदाय के लोग अब अरदास कर सकेंगे, पिछले 73 साल से यहां चल रहा था सरकारी स्कूल
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में 200 साल पुराने एक गुरुद्वारे को सिख समुदाय को सौंप दिया गया है। गुरुद्वारे में पिछले 73 साल से सरकारी हाई स्कूल चलाया जा रहा था। न्यूज एजेंसी ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि बुधवार को क्वेटा के मस्जिद रोड स्थित श्री गुरू सिंह गुरुद्वारा को आधिकारिक रूप से प्रार्थना और धार्मिक समारोह के लिए सिख समुदाय को सौंप दिया गया।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के माइनॉरिटी अफेयर के सलाहकार और संसदीय सचिव दिनेश कुमार ने बताया कि गुरुद्वारे को सिख समुदाय के लिए पूरी तरह से बहाल कर दिया गया है।
गुरुद्वारे की मार्केट वैल्यू अरबों रुपए में
उन्होंने कहा कि 14,000 वर्ग फुट एरिया में बने इस गुरुद्वारे की मार्केट वैल्यू अरबों रुपए में है। फिर भी बलूचिस्तान सरकार ने सिख समुदाय के लिए पूजा स्थल के रूप में इसे बहाल करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि सरकारी हाई स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को पास के स्कूलों में एडमिशन दिलाने में मदद की जाएगी।
2,000 सिख परिवार कर सकेंगे अरदास
बलूचिस्तान में सिख समुदाय समिति के अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा को धार्मिक स्थल के रूप में बहाल कर के सरकार ने हमें तोहफा दिया है। उन्होंने कहा कि लगभग 2,000 सिख परिवार बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं। उनके लिए इस ऐतिहासिक गुरुद्वारे का विशेष महत्व है। इस साल के शुरुआत में भी सरकार ने प्रांत के झोब में हिंदू समुदाय को 200 साल पुराना मंदिर सौंपा था।
ये भी पढ़ सकते हैं...
1.पाकिस्तान में शिवरात्रि के लिए खोला गया 200 साल पुराना मंदिर, कटासराज में भी तैयारियां शुरू
2.पाकिस्तान के मुल्तान में है सूर्यदेव का प्राचीन मंदिर, श्रीकृष्ण के पुत्र सांब से जुड़ी है इसकी कथा
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Dainik
No comments:
Post a Comment